नई दिल्ली :  पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने यह नोटिस जारी किया है। 13,500 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी एंटीगुआ में रह रहा है। अधिकारियों के अनुसार, चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के साथ ही उसके प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। चोकसी को इंटरपोल के 192 सदस्य देशों में से किसी के द्वारा भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
बता दें कि हाल ही में मेहुल चोकसी के साथी दीपक कुलकर्णी को कोलकाता एयरपोर्ट से पीएमएल एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। सूत्रों की मानें, दीपक ही हांगकांग में मेहुल चोकसी का पूरा बिजनेस संभालता था। यहां तक कि वह चोकसी की किसी फर्जी कंपनी का डायरेक्टर भी था।
क्या है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के पीछे इंटरपोल का मुख्य उद्येश्य सदस्य देशों की पुलिस को सतर्क करना होता है ताकि संदिग्ध अपराधियों को पकड़ा जा सके या खोये हुए व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। ध्यान रहे कि रेड कॉर्नर नोटिस किसी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ़्तारी वारंट नही होता है।
क्यों जारी किया जाता है ये नोटिस
अपने देश से किसी आरोपी के भागने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस जारी होने पर आरोपी इंटरपोल के सभी सदस्य देशों की पुलिस की नजर में रहता है और व्यक्ति को पकडऩे पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। अक्सर ऐसा होता है कि अपराधी किसी देश में अपराध करने के बाद उस देश को छोडक़र किसी अन्य देश में चला जाता है तो ऐसे हालत में उस व्यक्ति के लोकेशन को जानने और वांछित देश की पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करने के लिए सभी देशों के सहयोग की कोशिश होती है। दूसरे देशों की मदद लेने के लिए ये नोटिस जारी किया जाता है।

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