वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले को भयावह हालात करार दिया है. ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह इस मामले में रिपोर्ट देख रहे हैं और जल्द ही एक बयान जारी करेंगे. पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर हुए 14 फरवरी को आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. ट्रंप ने साथ ही कहा है कि अच्छा होगा कि आंतकवाद के खिलाफ भारत और पाकिस्तान एक साथ हो जाएं.
आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने वाइट हाउस के अपने दफ्तर में मीडिया से कहा कि दक्षिण एशिया के दोनों पड़ोसी अगर साथ आएं तो बहुत अच्छा होगा.
ट्रंप ने कहा कि हमें इस मामले पर कई रिपोर्ट्स मिली हैं, हम सही समय आने पर इस बारे में बयान जारी करेंगे. ट्रंप ने ये भी कहा कि आंतकी हमले की वजह से भयावह स्थिति पैदा हो गई है. हमें इस पर रिपोर्ट्स मिल रही हैं.
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उपप्रवक्ता रॉबर्ट पैलाडिनो ने भारत के प्रति पूरा समर्थन जताते हुए पाकिस्तान से कहा है कि आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाए.
बता दें इससे पहले आतंकी हमले पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भारत का समर्थन किया था. हमले के बाद जॉन बोल्टन ने भारतीय एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया था.
अमेरिका ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह अपनी धरती से संचालित सभी आतंकवादी समूहों का समर्थन और उन्हें पनाह देना तुरंत बंद करे. भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जेस्टर ने कहा कि आतंकवादी हमले की तह तक पहुंचने में हम भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ अमेरिका के सहयोग पर उन्होंने कहा, हमने उनकी निंदा की है, पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी पनाहगाहों की हमने पहले भी निंदा की है और हमने उनको सैन्य सहयोग देना बंद कर दिया है.
गौरतलब है कि पुलवामा हमले पर भारत को फ्रांस से भी बड़ा समर्थन मिला है. फ्रांस जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लेकर आएगा. अगले दो दिन के अंदर ऐसा प्रस्ताव लाया जा सकता है. इस प्रस्ताव में वह मसूद अजहर को बैन करने की मांग करेगा.
इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सबूत मांगने के बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान दुनिया को गुमराह करना बंद करे. सबको पता है कि जैश ए मोहम्मद और उसका सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में है. जैश ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी भी ली है. यह कार्रवाई करने के लिए अपने आप में ही पर्याप्त सबूत है.

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