नईदिल्ली :  लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए महागठबंधन के द्वारा भाजपा से मुकाबला करने के लिए आंध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबु नायडू के समन्वय में दिल्ली में शीर्ष विपक्षी नेताओं की बैठक होगी. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बैठक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा और संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले होगी. तेदेपा प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू बैठक का समन्वय कर रहे है. उन्होंने सभी गैर-बीजेपी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है.
एक सूत्र ने कहा,बैठक का मुख्य एजेंडा एक गैर-बीजेपी मोर्चा बनाने के लिए भविष्य की कार्रवाई तय करना है. कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है. इस बैठक के दौरान विपक्ष के संसद के शीतकालीन सत्र के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाये की भी उम्मीद है.
जानकारी के अनुसार संसद भवन में होने वाली बैठक के दौरान विपक्षी दल सरकारी विधेयकों और राफेल सौदे तथा किसानों से संबंधित मुद्दों पर अपने रूख पर चर्चा कर सकते हैं . उन्होंने बताया कि न केवल गैर-बीजेपी दलों के प्रमुखों बल्कि केरल,पंजाब और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है.
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन, आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेता शरद यादव भी उन लोगों में शामिल हैं जो इस बैठक में भाग ले सकते है.
सपा के एक सूत्र ने बताया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है लेकिन यदि वह किसी कारणवश नहीं शामिल हो पाये तो पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव बैठक में मौजूद रहेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here