नईदिल्ली :  भारत और रूस की वायुसेना सोमवार से राजस्थान के जैसलमरे के पोखरण में युद्धाभ्यास करेंगी. 12 दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास को अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास माना जा रहा है. इसके लिए पोखरण फायरिंग रेंज और बाड़मेर के उत्तरलाई का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने कहा कि एवीइंडर नाम का अभियान अपनी तरह का पहला युद्धाभ्यास होगा, क्योंकि रूस की वायुसेना अपना साजोसामान लेकर नहीं आएगी और वह यहां भारतीय उपकरणों का इस्तेमाल करेगी.
अधिकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना द्वारा इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर लड़ाकू विमान रूसी मूल के ही हैं और दोनों देशों की वायुसेनाएं आपसी तालमेल के महत्वपूर्ण स्तरों को छू चुकी हैं. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत में, रशियन फेडरेशन ऐयरोस्पेस फोर्स के पायलट भारतीय वायुसेना के विमानों में भारतीय पायलटों के साथ उड़ान भरेंगे जो दोनों वायुसेनाओं में समान हैं.

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