बजट 2020-21 में सबसे बड़ी बात देखें तो अब तक का यह सबसे लंबा बजट भाषण रहा है। यदि इस नजरिए से देखें तो बजट में कुछ खास नया नहीं रहा लेकिन सरकार ने जनता की आय बढ़ाने के लिए प्रयास किया गया है। खास तौर पर मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में बदलाव कर उन्हें विकल्प दिया गया है। हालांकि 5 लाख तक टैक्स में छूट दी गई है वहीं आगे के टैक्स स्लैब में 2.5 लाख के अंतर कर टैक्स के प्रतिशत में कमी लायी गई है। यानि यह कह सकते हैं यदि आप इन्वेस्टमेंट के स्लैब में जाना चाहते हैं तो उन्हें पुराना टैक्स स्लैब अपनाना होगा। यदि आप इन्वेस्टमेंट में नहीं जाना चाहते तो कम टैक्स देकर पैसे बचा सकते हैं। वहीं घरेलू उत्पादन के क्षेत्र में बढ़ावा देने के ऐलान किए गए हैं। वहीं निजी सेक्टर में आईटी सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया गया है जिसके तहत डाटा सेंटरों का निर्माण किया जाएगा जिसमें निजी सेक्टरों की प्रमुख भूमिका होगी। किसानों के लिए इस बार बजट में कुछ खास नहीं दिखाई दे रहा है यानि पुराने बजट की घोषणाओं को पूरा करने का प्रण दिखाई दे रहा है। वहीं महिलाओं के लिए भी कोई बड़ी घोषणा दिखाई नहीं दे रही है। जहांतक ग्रामीण क्षेत्रों का सवाल है 1 लाख ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था की जाएगी।

एक और बात इस बजट में खास दिखाई दे रही है वह है। आइकॉनिक म्यूज़ियम बनाए जाने की घोषणा जिसमें  मेरठ जिले का हस्तिनापुर, राखीघड़ी, शिवसागर, धोलावीरा गुजरात, तमिलनाडु के आदिचनल्लूर गांव में म्यूजि़यम एक अच्छी पहल है।

पूरे बजट को एक नज़र में देखा जाय तो कोई बड़ा ऐलान दिखाई नहीं देता 26 लाख करोड़ के खर्चे को कई विभागों में किया गया है। जिसमें कोई बड़ी घोषणाएं दिखाई नहीं दी है इसकी वजह यह कहा जा सकता है कि पूर्व के बजटों में बड़ी घोषणाएं की गई थी जिसका क्रियान्वयन सरकार की ओर से लगातार जारी है।

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