रायपुर: कांग्रेस सरकार ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है, लेकिन इस आदेश का पालन कितना प्रतिशत होता है ये तो आने वाला समय ही बताएगा, क्योंकि इससे पूर्व भाजपा सरकार ने भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर आदेश जारी किए थे, लेकिन इस आदेश का ना केवल शासन स्तर पर बल्कि निजी बिल्डरों ने भी दरकिनार करते हुए अपने तरीके से ही मकानों व भवनों का निर्माण कराते रहे। इस तरह भाजपा शासन के कार्यकाल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू कराने में पूरी तरह विफल रहा है।
गर्मी के दिनों में प्रदेश में भू जल स्तर सालाना लगातार कम होने से पेयजल की समस्या के मद्देनजर राज्य सरकार ने अब इस ओर गंभीरता पूर्वक काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को नगरीय निकायों में स्थित शासकीय, अर्धशासकीय और निजी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए है। इसके तहत अब प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी भवनों, स्कूलों, रिहायशी कालोनियों, औद्योगिक इकाईयों एवं टाउनशिप में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने जरूर पेयजल की समस्या दूर करने के लिए इस संबंध में बेहतर आदेश जारी किए है लेकिन इसका पालन कितना होगा ये आने वाला समय ही बताएगा। क्योंकि इससे पूर्व भाजपा सरकार ने भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम योजना को लेकर अपनी गंभीरता दिखायी थी और आदेश भी जारी किए थे, लेकिन यह आदेश सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गए थे। क्योंकि राज्य सरकार के इस आदेश का पालन शासकीय व अर्धशासकीय भवनों में तक नहीं किया गया था तो फिर बिल्डरों द्वारा निजी भवनों व रिहायशी कालोनियों तथा औद्योगिक इकाइयां इसका कैसे पालन करते। वे भी इस मनमाने तरीके से इस सिस्टम के बगैर भवन, कालोनियों व औद्योगिक इकाइयों का निर्माण करते रहे। कुल मिलाकर भाजपा सरकार के कार्यकाल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू नहीं हो पाया, जिसका असर भू-जल स्तर पर लगातार पड़ते रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here