वाशिंगटन :  अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित कर म्यांमार सेना के रोहिंग्या अल्पसंख्यकों के खिलाफ चलाये गये अभियान को नरसंहार बताते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से इस मामले में उचित कदम उठाने का आग्रह किया है।
प्रतिनिधि सभा में गुरुवार को पारित प्रस्ताव का डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के 394 सांसदों ने समर्थन किया जबकि एक रिपब्लिकन सांसद ने इसका विरोध किया। प्रस्ताव के जरिये रोहिंग्या संकट को कवर करने गये दो पत्रकारों की म्यांमार में गिरफ्तारी पर विरोध जताते हुए दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की गयी। प्रस्ताव में ट्रंप प्रशासन विशेषकर पोम्पिओ से अपील की गयी कि रोहिंग्या को नरसंहार के पीडि़त माना जाए। श्री पाम्पिओ ने इसे एक जातीय नरसंहार कहा लेकिन इस मामले में कोई कानूनी निर्णय लेने से इंकार कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कभी भी रोहिंग्या संकट को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया।

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