नई दिल्ली: रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 31 दिसंबर को समाप्त छमाही के लिए सरकार को 280 अरब रुपये का अंतरिम लाभांश देने का फैसला किया है। आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की यहाँ सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि सीमित ऑडिट समीक्षा और आर्थिक पूँजी फ्रेमवर्क को ध्यान में रखते हुये बोर्ड ने 31 दिसंबर 2018 को समाप्त छमाही के लिए सरकार को 280 अरब रुपये का अंतरिम लाभांश देने का फैसला किया गया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब रिजर्व बैंक सरकार को अंतरिम लाभांश हस्तांतरित करेगा।
चालू वित्त वर्ष में वित्तीय घाटा लक्ष्य से ज्यादा होने का दबाव झेल रही सरकार के लिए यह राहत की खबर है। बजट के बाद आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की इस पहली बैठक को सुबह वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि अंतरिम लाभांश पर फैसला केंद्रीय बैंक के बोर्ड को करना है। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला, वित्त सचिव अजय नारायण झा, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय और सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम् भी शामिल हुए। वित्त मंत्री से संवाद के बाद बोर्ड की बैठक आगे जारी रही। इसमें मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, वैश्विक तथा घरेलू चुनौतियों और रिजर्व बैंक के परिचालन से जुड़े विशिष्ट क्षेत्र पर चर्चा हुई। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने इस बैठक की अध्यक्षता की।

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