इस्लामाबाद। भारत और चीन के बीच तनाव के मद्देनजर, पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपनी सेना के खिलाफ हमले को लेकर सावधान रहना शुरू कर दिया है। जम्मू और कश्मीर और अन्य हिस्सों में हमले करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आतंकी लॉन्चपैड्स यहीं हैं। इस महीने के शुरूआत में पाकिस्तान की सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पीओके के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर वहां के अस्पतालों में सैनिकों के लिए 50 प्रतिशत बेड आरक्षित रखने की मांग की थी।

पीओके के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मुहम्मद नजीब नकी खान ने बताया कि पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष का एक पत्र मिला था। इसमें उन्होंने लिखा था, “कृपया सुनिश्चित करें कि आजाद जम्मू और कश्मीर के सभी अस्पतालों में हर समय 50 फीसदी बिस्तरों को सैनिकों के लिए आरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए ब्लड बैंकों में रक्त का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए।

पाकिस्तान ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब नियंत्रण रेखा के साथ संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं चरम पर हैं और लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत को चीन घेरने की जुगत में लगा हुआ है। जम्मू और कश्मीर के त्राल क्षेत्र में शुक्रवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए हैं। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद भारत के लिए चिंता का विषय रहा है, लेकिन भारतीय सेना, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस बल क्षेत्र में आतंकी हमलों की कोशिशों को विफल कर रहे हैं।

बताते चलें कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी बीते बुधवार को भारत पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था कि चीन के साथ सीमा विवाद से विपक्षी दलों का ध्यान हटाने के लिए भारत, पाकिस्तान पर हमले की साजिश रच रहा है। जियो पाकिस्तान से बात करते हुए कुरैशी ने कहा था कि भारत की मनोदशा स्पष्ट है क्योंकि यह चीन के साथ सीमा विवाद से ध्यान हटाकर उसे पाकिस्तान की तरफ करना चाहता है।

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