मुंबई । बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले में विवाद बढ़ता ही जा रहा है. बिहार पुलिस लगातार मुंबई पुलिस पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगा रही है. इस बीच अब मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बड़ा बयान दिया है. परमवीर सिंह ने कहा है कि मुंबई पुलिस इस मामले की विस्तृत तरीके से जांच कर रही है और अबतक हमने इस मामले में 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं.

सुशांत मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कमिश्नर परमवीर सिंह ने कहा है किसुशांत ने सुसाइड से पहले गूगल पर कई चीजें सर्च की थी. इनमें बाइपोलर डिसॉर्डर, स्तिजोफ्रेनिया, पेनलेस डेथ (दर्दरहित मौत) और अपना नाम शामिल है. बता दें कि बाइपोलर डिसॉर्डर और स्तिजोफ्रेनिया गंभीर मानसिक बीमारियां हैं और इन बीमारियों के अक्सर घातक परिणाम सामने आते हैं.परमबीर सिंह ने कहा कि इस फ्लैट को सुशांत के सुसाइड वाले दिन यानि 14 जून को सील किया गया था वही फोरेंसिक टीम 15 जून को पहुंची थीं. इसके अलावा फ्लैट में डॉक्टर्स भी पहुंचे थे. इसके बाद ही इस फ्लैट को डी-सील किया गया था. हमारी स्टेटमेंट्स कहती हैं कि जब सुशांत का नाम दिशा सालियान केस में सामने आया था तो वो काफी डिस्टर्ब महसूस कर रहे थे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में परमवीर सिंह ने कहा, ”अभी हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं. ये केस बिहार से मुंबई ट्रांस्फर होना चाहिए था. बिहार पुलिस को इस मामले की जांच करने का अधिकार नहीं है. हालांकि हम बिहार पुलिस की जांच पर कानूनी सलाह ले रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”हमारी जांच सही दिशा में चल रही है. सुशांत के परिवार ने किसी पर भी शक नहीं जताया है.”पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने यह भी बताया कि हमने मामले की जांच के दौरान सुशांत की बहनों को भी बुलाया था, लेकिन वह नहीं आईं. हमने 13 और 14 जून का सीसीटीवी फूटेज अपने कब्जे में लिया है. उन्होंने कहा है, ”सुशांत के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है और उनके सीए से भी इस मामले में पूछताछ कर रही है

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