रायपुर। Bullion Market: अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से शुक्रवार देर रात सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया। विशेषकर चांदी की कीमतों में 700 रुपये का उछाल आ गया और सोने की कीमतों में मामूली तेजी रही। चांदी प्रति किलो 71,300 रुपये रही। सराफा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इनमें ऐसा ही रुख रहेगा। कीमतों में गिरावट आने पर इन दिनों कारोबार में तेजी आई है और सराफा की रफ्तार भी बढ़ी है। सराफा संस्थानों में भी गहनों की नई रेंज उपलब्ध है।

संस्थानों द्वारा उपभोक्ताओं के लिए बनवाई में विशेष छूट व उपहार योजनाएं चलाई जा रही हैं। अभी सराफा बाजार में कारोबार की रफ्तार भी थोड़ी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में रफ्तार और बढ़ेगी। रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू का कहना है कि कीमतों में गिरने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ ही दूसरा बड़ा कारण आयात शुल्क में कमी गई कमी है। आयात शुल्क में कमी होने के कारण ही सोने की कीमतों में गिरावट है। आम बजट के बाद से ही सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है।

20 कैरेट को चाहिए हालमार्किंग की मान्यता

सराफा कारोबारियों का कहना है कि आभूषणों की हालमार्किंग करना काफी अच्छी बात है। इससे ग्राहकों का विश्वास और बढ़ेगा। मगर, सरकार को चाहए कि वह सबसे ज्यादा बिकने वाले 20 कैरेट के गहनों को हालमार्किंग की मान्यता प्रदान करें। 20 कैरेट के गहने मजबूत होने के साथ ही सबसे ज्यादा बिकते है और लोगों द्वारा भी काफी पसंद किए जाते है। इसके लिए रायपुर सराफा एसोसिएशन ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था।

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