वाशिंगटन । कोरोना वायरस मरीजों पर किए गए 80 से अधिक अध्ययनों में एक तिहाई के मस्तिष्क के अग्रिम हिस्से में कुछ जटिलताएं देखने को मिलीं। यह अध्ययन नर्वस सिस्टम पर कोरोना संक्रमण के असर पर प्रकाश डाल सकता है।

अमेरिका के बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी के सहायक प्रोफेसर जुल्फी हनीफ ने कहा कि हमें 600 से अधिक ऐसे मरीज मिले जो इस तरह से प्रभावित हुए हैं। अध्ययन में शामिल लोगों के मस्तिष्क के अग्रिम हिस्से में असामान्यताएं देखने को मिलीं। पहले हमारे पास इसको लेकर पुख्ता सबूत नहीं थे, लेकिन अब हम पक्के तौर पर कह सकते हैं कि इसका संबंध है।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के ईईजी से पता चला कि मस्तिष्क को इस हद तक नुकसान पहुंच सकता है कि संक्रमण से ठीक होने के बाद भी इसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। हनीफ ने कहा, ‘हम जानते हैं कि नाक के जरिए वायरस के अंदर जाने की सबसे ज्यादा संभावना होती है, इसलिए मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने की संभावना ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि एक और बात यह देखने को मिली कि इस तरह प्रभावित हुए लोगों की औसतन आयु 61 वर्ष थी और इनमें एक तिहाई महिलाएं तथा दो तिहाई पुरुष थे। इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस से संबंधित मस्तिष्क असामान्यता बुजुर्ग पुरुषों में आम हो सकती है।हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि इस संबंध में और अधिक अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।

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