रायपुर। Forest In City: शहरवासियों को अब जंगल का लुत्फ लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वन विभाग प्रदेश के छह शहरों में नगर वन तैयार करेगा। केंद्र सरकार की इस योजना में प्रदेश के सभी नगर निगमों को शामिल किया गया है। नगर वन को शहर या उसके आस-पास 50 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में छह जिलों में नगर वन बनाने के लिए जमीन के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। वन विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने पर इसका काम शुरू किया जाएगा।

नगर वन बनाने का मकसद है कि शहर के आस-पास शुद्ध हवा मिलने के साथ ही लोगों का प्रकृति से जुड़ाव भी बढ़े। जिस तरह मानव शरीर की शुद्धता के लिए फेफड़े होते हैं, उसी प्रकार शहर के पर्यावरण को साफ बनाए रखने के लिए यह जंगल कारगर सिद्ध होंगे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर के शहरों में नगर वन तैयार करने हैं।

ज्ञात हो कि वन विभाग प्रथम चरण में सरगुजा जिले के अंबिकापुर में दो करोड़ 38 लाख रुपये, रायगढ़ में चार करोड़ रुपये की लागत से दो, कोण्डागांव में दो करोड़ रुपये, रायपुर में नौ करोड़ 95 लाख रुपये, दुर्ग में 96 लाख रुपये और बिलासपुर में पांच करोड़ रुपये की लागत से दो साल के अंदर नगर वन विकसित करेगा। नगर वन में हरियाली के अलावा सुगंधित फूलों से पार्क को संवारा जाएगा। साइकिल ट्रैक, बच्चों के लिए झूले और लोगों के बैठने का भी इंतजाम होगा।

यह होगा फायदा

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक जिले में वन विभाग की जमीन हैं, लेकिन लोगों ने जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया है। नगर वन योजना के तहत अतिक्रमण को हटाया जाएगा। नगर वन में साइकिल और सुबह की सैर के लिए 3-3 किमी का अलग-अलग ट्रैक बनाना प्रस्तावित है। यह पहला उद्यान होगा, जहां पर्यटक साइकिल से भ्रमण कर सकेंगे। हरियाली के बीच भ्रमण कर लोग स्वस्थ लाभ ले सकते हैं। वर्तमान में शासन ने कई गार्डन बनाए हैं, जो सुबह-शाम लोगों से भरे रहते हैं।

केंद्र सरकार की नगर वन उद्यान योजना के तहत शहरी इलाके में नगर वन बनाए जाने की योजना है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। इससे जहां लोगों को शहर के अंदर जंगल का आनंद मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण भी खत्म होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here