सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने Facebook और Google को समाचार लेखों से उत्पन्न राजस्व को शेयर करने का आदेश दिया है। यह दुनियाभर में डिजिटल दिग्गजों के खिलाफ विनियामक और राजनीतिक मोर्चा खोलने का पहला कदम है। कोषाध्यक्ष जोश फ्राइडेनबर्ग ने शुक्रवार को कहा कि दोनों कंपनियों को पारंपरिक मीडिया के साथ अच्छे विश्वास के साथ पारिश्रमिक पर बातचीत करनी होगी।

अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो एक बाध्यकारी मध्यस्थता प्रक्रिया होगी और कोड को तोड़ने के लिए दंड 70 लाख डॉलर तक का दंड लगाया जाएगा। फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि यह कदम ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनियों के लिए एक “स्तरीय खेल का मैदान” सुनिश्चित करने के बारे में है। मसौदा कोड, जो इस वर्ष के अंत में कानून बनने से पहले 28 अगस्त तक परामर्श के लिए खुला है, शुरू में केवल Google और Facebook पर लागू होगा। मगर, भविष्य में इसे अन्य डिजिटल कंपनियों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

पारंपरिक मीडिया फर्मों ने लंबे समय से शिकायत की है कि उनकी सामग्री का बिना उचित मुआवजे के डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा इस्तेमाल कर शोषण किया जा रहा है। समाचार पत्रों और प्रसारकों ने नौकरियों में नौकरियों में कटौती की, तो उनकी शिकायतों ने अधिक राजनीतिक समर्थन हासिल किया।

अन्य क्षेत्राधिकार में नियामक के साथ ही निवेशक इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि कोड व्यवहार में कैसे काम करता है। अन्य बाजारों में पहरेदारों को ऑस्ट्रेलिया का अनुसरण करना चाहिए। यह 21वीं सदी के सबसे बेतहाशा सफल व्यापार मॉडल में से दो पर लागू होगा, जो बड़े पैमाने पर सामग्री मुक्त करने के लिए बनाए गए थे।

ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रॉड सिम्स ने एक बयान में कहा, “समाचार मीडिया व्यवसायों और प्रमुख डिजिटल प्लेटफार्मों के बीच एक मौलिक सौदेबाजी शक्ति के बीच असंतुलन है।” “हम एक ऐसा मॉडल चाहते थे, जो इस सौदेबाजी की शक्ति के असंतुलन और सामग्री के लिए उचित भुगतान में परिणाम को संबोधित करता हो, जो अनुत्पादक और बातचीत बचा नहीं हो, और गूगल व फेसबुक पर ऑस्ट्रेलियाई समाचार की उपलब्धता को कम नहीं करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here