Indian Railway: जबलपुर रेल मण्डल को खाली मालगाड़ी के कचरे से कमाई का प्रस्ताव न्यू कटनी जंक्शन ने दिया है। सबकुछ सही रहा और स्वीकृति मिली तो मंडल को सालाना एक से तीन करोड़ रुपये तक की कमाई बिना किसी खर्चे के हो सकेगी। मालगाड़ी के डिब्बे जो खाली होकर वापस लौटते हैं, उनमें बचे हुए कचरे को बेचने का प्रस्ताव है। रेलवे के आला अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

निजी एजेंसियां करेंगी सफाई

मालगाड़ी के रैक खाली होने के बाद बचे हुए खनिज डस्ट, कोयला, राशन, सीमेंट आदि की सफाई कराई जाएगी। इसमें रेलवे को प्रति वैगन 50 रुपये मिलने का प्रस्ताव है। यह काम निजी एजेंसियों का होगा। जो भी बचा हुआ सामान निकलेगा, वह भी एजेंसियां ही रखेंगी। यह काम सिर्फ डंपिंग यार्ड में ही होगा।

अभी तक ये आती है समस्या

वर्तमान में मालगाड़ी के वैगन जिस हालात में खाली होते हैं, वैसे ही वापस दूसरा सामान लेने चले जाते हैं। इसके कारण दूसरी कंपनियों को अपना माल लादने के लिए वैगन को पहले साफ कराना पड़ता है। इस प्रस्ताव से समय की भी बचत होगी।

ये होगा फायदा

– रेलवे के माल लदान व सप्लाई में समय बचेगा और साफ-सुथरा सामान पहुंचेगा।

– बिना किसी खर्च के रेलवे को सालाना तीन करोड़ रुपये तक की आय एक मंडल से हो सकेगी।

– एक खनिज के अलावा उन्ही वैगनों में दोबारा दूसरे खनिज ले जाने में समस्या नहीं होगी।

इस प्रकार होगी आय

इस व्यवस्था से रेलवे को प्रति वैगन 50 रुपए की आय होगी। अगर एक डंपिंग स्टेशन में 70 वैगन की चार मालगाड़ी प्रतिदिन आती हैं। तो उसकी सफाई के बाद निजी एजेंसी से रेलवे को प्रतिदिन 14 हजार रुपये मिलेंगे। सालाना एक डंपिंग स्टेशन से 51 लाख 10 हजार रुपये की आय हो सकती है। जबलपुर मंडल में ही कछपुरा यार्ड, गाडरवारा, एनकेजे, सतना सहित कम से कम सात डंपिंग यार्ड हैं। इन यार्ड से सालाना तीन करोड़ रुपये तक की आय रेलवे को हो सकती है।

मालगाड़ियों के खाली होने के बाद बचा हुआ कचरा बिना किसी अतिरिक्त खर्चे पर निजी एजेंसियों के द्वारा साफ किये जाने और उससे रेलवे को आय होने का प्रस्ताव न्यू कटनी जंक्शन से जबलपुर रेल मंडल को मिला है। इस पर विचार किया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here