Many countries are reviewing deaths due to corona, so the number of dead will increase greatly

दुनियाभर में कोरोना वायरस के 25 लाख 63 हजार 480 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और एक लाख 77 हजार 420 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मगर, ये आंकड़े अभी काफी तेजी से बढ़ सकते हैं क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से कई ऐसे लोगों की मौत हुई है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं थे और उन्हें कोरोना से हुई मौतों में शामिल नहीं किया गया था। कोरोना वायरस के बारे में अभी तक दुनियाभर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को पूरी जानकारी नहीं है और बताया जा रहा है कि यह एक साइलेंट किलर है। कई मामलों में पाया गया है कि मरीज में कोरोना संक्रमण का कोई लक्षण नहीं दिख रहा है फिर भी टेस्ट में वह पॉजिटिव पाया जा रहा है।

चीन ने पिछले हफ्ते Covid-19 के कारण हुई मौतों के अपने आंकड़ों को अचानक संशोधित कर दिया था। इसके बाद वुहान के लिए संशोधित मौतों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। अब, वुहान के लिए संशोधित मृत्यु दर 3,869 और चीन की कुल मृत्युदर 4,632 है। इससे यह बात तो साफ होती है कि चीन ने कोरोना वायरस के मामलों और मौतों की रिपोर्ट कम बताई थी। मगर, यह अभी निश्चित नहीं है कि चीन वास्तव में उन मौतों के बारे में जानता था या नहीं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के इमैनुएल मैक्रॉ ने Covid-19, के कारण होने वाली बीमारी, संक्रमण और मौतों के लिए चीन की रिपोर्ट की गई संख्या पर सार्वजनिक रूप से संदेह जताया था। चीन में मृत्यु के आंकड़ों का संशोधन भी उन रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसमें कहा गया था कि देश के कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्रों में सैकड़ों लावारिस कलश श्मशान घरों के बाहर पड़े हुए हैं। चीन ने कोरोना सकारात्मक व्यक्तियों का अंतिम संस्कार उनकी मृत्यु के लगभग तुरंत बाद निकटतम श्मशान में किया। इनमें से कई अंतिम संस्कार मृतक के परिवार के सदस्यों की सहमति या उपस्थिति के बिना भी किए गए थे।

जैसे चीन ने कोरोना की वजह से होने वाली मौत की संख्या को संशोधित किया था, उसी तरह अमेरिका, इटली, स्पेन और ब्रिटेन ने भी स्वीकार किया कि उनके यहां कोरोना वायरस के आधिकारिक आंकड़े और मौतों की संख्या कम करके गिने गए थे। न्यूयॉर्क सिटी ने पिछले सप्ताह संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को संशोधित करते हुए 3,778 बढ़ा दिया था, जिससे एक ही दिन में मौतों का आंकड़ा 55 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन मौतों को कोरोना संक्रमण से जोड़ा गया था, लेकिन पहले उन्हें महामारी के तहत शामिल नहीं किया गया था।

इससे पहले, इटली ने बताया था कि संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या आधिकारिक तौर पर दर्ज संख्या से दोगुनी हो सकती है। लोम्बार्डी के उत्तरी क्षेत्र में बर्गामो प्रांत में देश ने इस महीने की शुरुआत में 2,060 लोगों की मृत्यु को संशोधित किया, जहां मृतकों की संख्या 4,500 थी। ये बढ़ी हुई ताजा मौतों की संख्या उन लोगों की थीं, जो घर पर मर गए। कई कोरोना वायरस-पीड़ित देशों ने Covid-19 मामलों के रूप में दर्ज की गई अस्पताल की मौतों के बाहर भी हुई मौतों की संख्या में वृद्धि देखी है। इन देशों में घर पर मरने वाले अधिकांश लोग कोरोना वायरस के लिए अछूते नहीं हैं।

यह सभी कोरोना वायरस प्रभावित देशों में प्रमुख कारक है, जिसकी वजह से अधिकारी मरने वालों की संख्या को संशोधित करते हैं। उदाहरण के लिए, मैड्रिड में आधिकारिक मौत का आंकड़ा 3,752 है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण की वजह से 7,500 से कम लोग नहीं मरे होंगे। भारत में भी सिर्फ उन्हीं मौत की घटनाओं को कोरोना संक्रमण में शामिल किया गया है, जो अस्पताल में हुई हैं और जिनमें संक्रमण की जांच हुई है। घरों में हुई मौतों की संख्या का तो पता ही नहीं है और उन्हें इसमें शामिल भी नहीं किया गया है।

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