रायपुर: अवधी व्यंजनों का अपना एक अलग ही जायका होता है और इसके जायके पूरे देश भर में प्रसिद्ध है। अवधी व्यंजनों का फेस्टीवल कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर के मोमो कैफे में शुक्रवार से आरंभ हुआ। इस फूड फेस्टीवल में लखनऊ की तहजीब से सराबोर नवाबी दौर के शाही अवधी व्यंजनों का लाजवाब स्वाद रायपुर वासी ले सकेंगे।

यह दस दिवसीय फेस्टीवल 8 से 17 नवंबर तक शाम 7 से रात 11 बजे तक चलेगा। इस संबंध में आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में होटल के जनरल मैनेजर रजनीश कुमार ने बताया कि मुग़ल काल में शाही खानसामे व्यंजनों को शाही स्वाद और अभिन्न ज़ायकों में लबरेज़ कर नवाबों का दिल जीतते थे।

हमने उसी अवधी ज़ायके को अपने व्यंजनों मे उतारने की कोशिश की है, जिससे हम शहरवासियों का दिल जीत सकेंगे। एक्जीकिटिव शेफ जितेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि इस फूड फेस्टिवल में मुगलई विधि से बनाए गए वेज और नॉन-वेज व्यंजन मेहमानों को सर्व किये जायेंगे। लखनऊ की तहज़ीब और उसमें रमे नवाबी जायकों में बने शानदार स्टार्टर्स, मेन कोर्स और जुबान पर पानी ला देने वाले डेजट्र्स को इस आयोजन के दौरान मेहमानों के समक्ष पेश किया जायेगा। इस फेस्टीवल के दौरान हर शाम व्यंजनों की फेहरिस्त अलग-अलग रहेगी जिसकी शुरूआत में सूप सर्व किया जायेगा।

शोरबा गोश्त यखनी, मुर्ग पोटली शोरबा, सब्जियों का अर्क, दाल के यखनी जैसे स्वादिष्ट सूप पेश किये जायेंगे। उन्होंने आगे बताया कि बुफे में टमाटर की मछली, मुर्ग टिक्का मिर्जा हस्नू, पनीर कुटा मसाला और नवाबी पनीर टिक्का जैसे व्यंजनों से हो तो शाम में जान ही आ जाये।

इसके साथ ही लाईव फूड काउंटर पर शामी कबाब, मजलिसी कबाब तथा चैक की टिक्की के साथ अवधी नान को मेहमानों के सामने ही बनाया जायेगा। लखनवी बिरयानी जैसे, नवाबी मुर्ग मेथी बिरयानी, गोश्त दम बिरयानी, सब्ज़ दम बिरयानी की अलग ही पहचान है। अवधी व्यंजनों में नॉन-वेज डिशेस की बेहतरीन चटकारेदार ज़ायकों की भरमार है।

मुख्य व्यंजनों में अवधी मुर्ग कोरमा, लज़ीज भुना गोश्त, माही रज़ीला, लगन का मुर्ग तथा ज़ाफरानी नेहारी और अनेक अन्य व्यंजनों के साथ इस दस दिन के फूड फेस्टिवल के दौरान सर्व किये जायेंगे।

यही नहीं शाकाहारी व्यंजनों में भी ज़ायकेदार व्यंजनों की भरमार रहेगी। लज़ीज बैगन मसाला, नवाबी पनीर कोरमा, पालक ख़म नफीस, मुरादाबादी दाल जैसी डिशेस् से वेज खाने वालों का स्वाद बढ़ाया जायेगा। अगर आप खाने के शौकीन हों और एक शानदार दावत के बाद कुछ मीठा हो जाये तो क्या कहने। लखनवी नवाबी दौर से चले आ रहे शाही टुकड़ा, शाही सेवईयां, अण्डे का हलवा, अनानास का हलवा, शीर कोरमा तथा मिर्च के हलवे जैसे डैसट्र्स से शाम का मज़ा दुगना किया जायेगा।

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