This month, both lunar and solar eclipse will take place, know the special information related to them

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच जून माह में एक साथ 2 ग्रहण लगने का योग बन रहा हैं। जून महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही लगने वाले हैं। एक ग्रहण महीने के प्रारंभ में तो वहीं दूसरा महीने के अंत में लगने वाला है। 5 जून को चंद्र ग्रहण लगेगा और इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण होगा।

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण एक खगोलिय घटना पर आधारित है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं तो पृथ्वी की स्थिति के आधार पर सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण दिखाई देते हैं। चंद्र ग्रहण उस समय लगता है जब पूरा चांद निकला हुआ हो और पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के मध्य आ जाए। इस तरह सूर्य की किरणें को सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं। यह तभी संभव होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा दोनों के मध्य आ जाए।

जानकारी के अनुसार, 2020 में चार चंद्र ग्रहण हैं- एक जनवरी में हो चुका है और बाकी ग्रहण जून, जुलाई और नवंबर में लगने वाले हैं। 5 जून को होने वाला चंद्रग्रहण उपछाया ग्रहण होगा। इसका मतलब है कि चांद, पृथ्वी की हल्की छाया से होकर गुजरेगा।

5 जून को इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण

ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि 5 जून शुक्रवार को है। इस दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण 3 घंटे और 18 मिनट का होगा। यह चंद्र ग्रहण 5 जून को रात को 11 बजकर15 मिनट से शुरू होगा और 6 जून को सुबह के12 बजकर 54 मिनट तक अपने अधिकतम ग्रहण पर पहुंचेगा। उपछाया चंद्र ग्रहण 6 जून सुबह 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म हो जाएगा। एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के रहवासी इस ग्रहण को देख सकते हैं। हालांकि, उपछाया चंद्र ग्रहण होने की वजह से लोगों के बीच सामान्य चांद और ग्रहण वाले चांद के बीच अंतर करना काफी मुश्किल होगा।

इस ग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकेगा लेकिन इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा कहीं से कटेगा नहीं यानी चंद्रमा के आकार में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आएगा। यह अपने पूर्ण आकार में आसमान में चलते नजर आएंगे। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छवि मलिन हो जाएगी। यानी चांद कुछ मटमैला सा दिखाई देगा। इसका कारण यह है कि यह वास्तविक चंद्रग्रहण नहीं है यह एक उपछाया चंद्रग्रहण है। इससे पहले 10 जनवरी को ऐसा ही चंद्रग्रहण लगा था।

सूर्य ग्रहण

सूर्यग्रहण खगोलीय घटना पर आधारित है। चांद के धरती और सूर्य के बीच आने की वजह से सूर्यग्रहण होता है। इस दौरान चांद की छाया धरती पर गिरती है और जिस जगह पर यह छाया पड़ती है वहां आंशिक रूप से अंधेरा हो जाता है।ऐसे समय सूर्य को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। इस साल 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा।

21 जून को इस समय लगेगा सूर्य ग्रहण

साल 2020 का भारत में दिखाई देने वाला एक मात्र सूर्य ग्रहण 21 जून रविवार को लगने जा रहा है। 21 तारीख को सुबह 9 बजकर 15 मिनट से यह ग्रहण शुरू हो जाएगा। इस ग्रहण का परमग्रास 99.4 फीसद रहेगा, यानी कुछ स्थानों पर सूर्य पूरी तरह छुप जाएगा। यह ग्रहण करीब 5 घंटे, 48 मिनट 3 सेकंड तक रहेगा। इस ग्रहण का व्यापक प्रभाव भारत, दक्षिण पूर्वी यूरोप, अफ्रीका, अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान, वर्मा पर दिखाई देगा। इस ग्रहण की वजह से भारत का पड़ोसी देशों से संबंध प्रभावित हो सकता है।

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