इंदौर  । बच्चों की खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने आरोपित डॉ. भरतकुमार मौर्य के पार्वती नर्सिंग होम, डॉ. रमाकांत शर्मा की क्लीनिक और वार्डबॉय तेजकरण उर्फ बबलू ठक्कर के घर से कई अहम सबूत इकट्ठे किए हैं। रमाकांत व भरत खुद की क्लीनिक व नर्सिंग होम से भी अवैध गर्भपात कर रहे थे। पुलिस ने रजिस्टर और मोबाइल भी जब्त किए हैं।

रजिस्टर में जितनी भी महिलाओं के नाम हैं, पुलिस उन सभी से संपर्क करेगी। इनमें से कितनी महिलाओं ने यहां डिलीवरी कराई है, उनसे पूछताछ और उनके बच्चों के बारे में जानकारी ली जाएगी। पुलिस का यह भी मानना है कि उनमें कई महिलाएं ऐसी भी मिल सकती हैं, जिन्होंने अवैध गर्भपात कराया हो।

पुलिस के मुताबिक आरोपित तेजकरण के पास किसी प्रकार की डिग्री भी नहीं है, इसके बावजूद वह महिलाओं को कम रुपये में डिलीवरी कराने का झांसा देकर उनकी व बच्चे की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा था। एक बार वह मां और बच्चे को खतरे में डाल चुका है, जब डिलीवरी नहीं करा पाया तो एमवाय अस्पताल में कराई और बमुश्किल दोनों की जान बच पाई। पुलिस को पता चला कि यहीं से उसने बच्चा बेचने का काम शुरू किया। उसे भरत और रमाकांत के बारे में जानकारी मिली तो उसने इनसे संपर्क किया और बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल कर लिया।

डिलीवरी कराने में मदद करती थी शिल्पा

तेजकरण और शिल्पा की मुलाकात एमवाय अस्पताल में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और शादी कर ली। शिल्पा के पति मनीष तेलंग को लकवा मार गया है, जिससे वह घर पर ही रहता है। बच्चे को लाने ले जाने का काम शिल्पा ही करती थी। शिल्पा डिलीवरी कराने में तेजकरण की मदद करती थी।

पवन और एक अन्य आरोपित की तलाश जारी

एएसपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि मूसाखेड़ी का डॉ. पवन राय और लैब टेक्निशियन आलोक भदौरिया फरार हैं। इनकी तलाश की जा रही है। पकड़े जाने के बाद दोनों से बच्चा चोरी के मामले के अलावा अन्य मामलों में भी पता चलने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here