Unlock 2.0 Live Updates: देश में अनलॉक 1.0 की मियाद 30 जून को खत्म हो रही है। ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल है कि उसके यहां 1 जुलाई से क्या व्यवस्था लागू होगी? क्या राहत मिलेगी या पाबंदियां जारी रहेंगी? राज्यों ने इस पर मंथन शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार भी प्लानिंग में लगी है। राज्यों से संकेत मिलना शुरू हो गए हैं। ताजा खबर यह है कि महाराष्ट्र में 31 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को ही इसके संकेत दे दिए थे और अब आधिकारिक ऐलान हो गया। वहीं मणिपुर ने भी 15 दिन के लिए पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। ऐसे ही संकेत तेलंगाना से मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्य 31 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं। वहीं तमिलनाडु ने प्रभावित इलाकों को छोड़कर बाकी जगह छूट देने का फैसला किया है। हालांकि एक बात पूरी तरह साफ है कि जहां कोरोना वायरस के नए केस में कमी आई है, वहां छूट मिल सकती है। मसलन – सोमवार से गुरुग्राम और फरीदाबाद में मॉल्स खोल दिए गए।

Unlock 2.0 पर क्या सोच रही राज्य सरकारें

मध्य प्रदेश: भोपाल और इंदौर में केस लगातार सामने आ रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर रविवार को बाजार बंद रखने का फैसला हुआ है। शिवराज सिंह चौहान भी आगे की रणनीति को लेकर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। यही स्थिति गुजरात की है, यहां अहमदाबाद में अब भी लगातार केस सामने आ रहे हैं।

राजस्थान: राजस्थान भी उन राज्यों में शामिल हैं जहां लगातार केस सामने आ रहे हैं। गहलोत सरकार की नजर अपने यहां संक्रमण को काबू करने के साथ ही बाहर से आने वालों पर भी है। हाल ही में लॉकडाउन के कारण बंद किए गए ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे धार्मिक स्थल एक जुलाई से खोलने की अनुमति दे दी गई है जहां लोग कम आते हैं।साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से राजस्थान आने वाले व्यक्तियों के लिए 14 दिन के होम क्वारंटीन की अनिवार्यता हटाने के निर्देश दिए हैं।

झारखंड: यहां 31 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ाया जा चुका है। हालांकि इस बारे में राज्य सरकार ने विस्तृत आदेश जारी नहीं किया है। अब तक यहां 2,262 से अधिक पॉजिटिव केस आए हैं। उम्मीद की जा रही है कि Lockdown या Unlock 2.0 पर 1 जुलाई तक फैसला हो सका है।

असम: असम सरकार ने शुक्रवार से राज्य भर में 12 घंटे के लिए रात का कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। वहीं कामरूप (मेट्रो) जिले में 14 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है, जिसमें गुवाहाटी जैसे सबसे व्यस्त शहर भी शामिल है।

पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ दिनों पहले की गई एक घोषणा में 31 जुलाई तक राज्य में लॉकडाउन बढ़ा दिया था। शुक्रवार को उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि 31 जुलाई तक उच्च कोविड -19 संक्रमण दर वाले राज्यों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कोलकाता आने से रोका जाए। एक अन्य फैसले में, उन्होंने राज्य में रात के कर्फ्यू में एक घंटे तक ढील देने का फैसला किया। अब प्रदेश में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच कर्फ्यू है। उन्होंने कोलकाता में 1 जुलाई से मेट्रो सेवाओं को फिर से शुरू करने का भी संकेत दिया है।

दिल्ली: कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए दिल्ली में स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे, जबकि ऑनलाइन कक्षाएं और गतिविधियां जारी रहेंगी। हालांकि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन मोड पर लौटने का विचार किया था।

तेलंगाना: पिछले कुछ दिनों में हैदराबाद में कोरोना वायरस के मामलों में तेज वृद्धि ने कई दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सामान्य बाजारों को 7 से 10 दिनों के लिए स्वैच्छिक लॉकडाउन के लिए मजबूर किया है। प्रदेश सरकार अभी केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार कर रही है।

तमिलनाडु: चेन्नई, मदुरै और चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर के कुछ हिस्सों में पिछले शुक्रवार से 30 जून तक लॉकडाउन किया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने अभी साफ नहीं किया है कि लॉकडाउन बढ़ाने का विस्तार किया जाएगा या नहीं? माना जा रहा है कि केंद्र से अनलॉक की गाइडलाइन मिलने के बाद सरकार अपनी रणनीति बनाएगी।

Unlock 2.0 में खुल सकते हैं मॉल्स, इन नियमों का रखना होगा ध्यान

प्रवेश द्वारा पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग प्रावधान हो। सीमित संख्या में ग्राहकों को अनुमति दी जाएगी। फेस कवर / मास्क का उपयोग सभी के लिए अनिवार्य चाहे ग्राहक हो या कर्मचारी। शॉपिंग मॉल के अंदर हर समय फेस कवर / मास्क पहनना पड़ता है। मॉल के अंदर COVID-19 से जुड़ी जानकारी के बारे में पोस्टर / स्टैंड / एवी मीडिया को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। नियमों का पालन करने के लिए मॉल्स प्रबंधन पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी तैनात करे। परिसर के बाहर और बाहर पार्किंग स्थल में भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

सभी कर्मचारी जो उच्च जोखिम पर होते हैं यानी बुजुर्ग कर्मचारी, गर्भवती महिलाएं, और जिन कर्मचारियों में पहले से कोई बीमारी है, वे अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं।

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