वाशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोगों के अधिकारी ने चीन और रूस द्वारा विकसित की जा रही COVID-19 वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि यह महामारी दशकों तक बनी रह सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से वैश्विक आपातकाल घोषित किए जाने के छह महीने बाद कोरोना वायरस की वजह से कम से कम छह लाख 79 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 1.79 करोड़ लोग संक्रमित हैं।

पश्चिमी यूरोप के देशों ने नए लॉकडाउन की घोषणा की है और ऐतिहासिक आर्थिक मंदी की सूचना दी है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य निकाय ने कहा कि महामारी “शताब्दी में एक बार” आने वाला संकट है, जिसका नतीजा दशकों तक महसूस किया जाएगा। कई चीनी कंपनियां रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दौड़ में सबसे आगे हैं और रूस ने अपने वैक्सीन को सितंबर तक बाजार में लाने की तिथि निर्धारित की है।

मगर, अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथोनी फौसी ने कहा कि यह संभावना नहीं थी कि उनका देश किसी भी देश में विकसित वैक्सीन का उपयोग करेगा, जहां नियामक प्रणाली पश्चिम की तुलना में कहीं अधिक अपारदर्शी हैं। उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई में कहा- मैं उम्मीद करता हूं कि इससे पहले कि वे किसी को वैक्सीन लगाएं, चीनी और रूसी वैज्ञानिक वास्तव में वैक्सीन का परीक्षण कर रहे हों।

उन्होंने कहा कि आपके द्वारा परीक्षण करने से पहले वैक्सीन के वितरित करने के लिए तैयार होने का दावा, मुझे लगता है कि समस्याग्रस्त है। उधर, पूर्वी एशिया में कोरोना वायरस की प्रारंभिक लहर से निपटने में जिन क्षेत्रों में सफलता मिली है, वहां अब नई लहर की चिंता पैदा हो रही है।

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