उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री Kamal Rani Varun का रविवार सुबह निधन हो गया। Kamal Rani कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी और उनका लखनऊ के संजय गांधी PGI हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था।

उत्तर प्रदेश की Technical Education मंत्री कमल रानी को 18 जुलाई को कोरोना संक्रमित पाया गया था और इसके बाद उनका लखनऊ के PGI हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। कमल रानी का रविवार को निधन हो गया। एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने उनके निधन की पुष्टि की है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना आज का अयोध्या दौरा स्थगित कर दिया है।

सीएमएस डॉ अमित अग्रवाल ने बताया कि मंत्री कमल रानी को पहले से ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन व थायराइड से जुड़ी समस्या थी। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में उनकी तबीयत स्थिर रही, लेकिन पिछले 3 दिनों से अचानक स्थिति खराब होने लगी। शनिवार की शाम करीब 6 बजे हालत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें बड़े वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां रविवार सुबह 9 बजे उनका निधन हो गया।

कमल रानी वरुण कानपुर जिले के घाटमपुर लोकसभा क्षेत्र से 1996 व 1998 में लोकसभा की सदस्य रहीं। 62 वर्षीया कमल रानी वरुण ने राजनीति पार्षद के रूप में शुरू की थी। वे 1989 से 1995 तक पार्षद थीं। कमल रानी वरुण का विवाह 25 मई 1975 को किशन लाल वरुण से हुआ था।

कानपुर में होगा अंतिम संस्कार:

मंत्री कमला रानी वरूण का पार्थिव शरीर लखनऊ से सीधे कानपुर ले जाया जाएगा। वहां पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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