With this decision of RBI, there may be a reduction in the interest on FD, know about it

कोरोना संक्रमण के चलते किए गए लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। बीते दो महीने में लगभग सभी औद्योगिक इकाईयां ठप पड़ी हुई हैं। हालांकि अब सरकार उद्योग जगत को वापस पटरी पर लौटाने के लिए कोशिशे कर रही हैं। लॉकडाउन ने देश के हर वर्ग को प्रभावित किया है, यही वजह है कि केंद्र द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी इस संकट की घड़ी में एक बार फिर रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने ब्याज दरों में 0.40 प्रतिशत कटौती की घोषणा की है। आरबीआई के इस फैसले से छोटी कंपनियों और बैंकों को फायदा होगा। हालांकि FD रेट्स पर भी इसका असर हो सकता है।

घट सकती हैं एफडी पर ब्याज दरें

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI के इन कदमों से बैंक डिपॉजिट की दरों पर ब्याज दरें घटा सकते हैं। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज दर 0.25 से 0.50 प्रतिशत तक घट सकती है।

गौरतलब है कि पूर्व में जब आरबीआई ने ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती की थी तब SBI समेत कई बड़े बैंकों ने FD पर ब्याज दरें घटाईं थी। 12 मई को ही एसबीआई ने 3 साल की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरें 0.20 प्रतिशत तक कम की। हालांकि 3 साल से 10 साल की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।

RBI गवर्नर ने ये भी कहा

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि अब लोन लेना आसान होगा। इस फैसले से महंगाई कम होने की उम्मीद भी उन्होंने जताई। हालांकि उन्होंने जीडीपी ग्रोथ निगेटिव होने की आशंका भी जताई। रेपो रेट कम करने के साथ ही आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी कटौती की है और अब यह 3.35 रह गया है। इससे पहले 19 अप्रैल को RBI ने रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कमी की थी, जिसके बाद यह 3.75 फीसदी रह गया था। एक अन्य बड़े फैसले में मोरोटोरियम भी तीन महीने यानी अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

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